मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा नैनीताल जिले में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने भीमताल झील के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। लगभग 25.67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत झील क्षेत्र को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से लैस किया जाएगा। योजना में झील के आसपास स्थित प्रमुख पार्कों का पुनर्विकास, दीनदयाल पार्क के समीप बोटिंग डॉक का निर्माण, 4210 मीटर लंबे कॉबल स्टोन पैदल मार्ग का विकास, उद्यानों का सौंदर्यीकरण, पार्किंग सुविधाओं का विस्तार, सोलर स्ट्रीट लाइटिंग तथा आधुनिक स्ट्रीट फर्नीचर की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
इसके पश्चात उन्होंने नौकुचियाताल झील क्षेत्र का निरीक्षण किया। लगभग 20.97 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना के अंतर्गत बोटिंग स्टैंड, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय और टिकट काउंटर, पार्किंग सुविधा, फ्लोटिंग जेट्टी, 2089 मीटर लंबा पैदल मार्ग, गज़ीबो, व्यूपॉइंट्स, लैंडस्केपिंग तथा सोलर लाइटिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सचिव ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से नौकुचियाताल क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नया विस्तार मिलेगा और स्थानीय लोगों को भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
कमलताल क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सचिव ने बताया कि यहां एक आकर्षक ओपन शॉपिंग सेंटर (प्लाज़ा), 50 मीटर लंबा पैदल पुल, 100 मीटर लंबा पैदल मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, सोलर लाइटिंग तथा लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
भवाली के लकड़ी टाल क्षेत्र में निर्माणाधीन मल्टीलेवल कार पार्किंग एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण करते हुए सचिव ने कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का लगभग 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इस परियोजना के अंतर्गत बेसमेंट में पार्किंग तथा भूतल एवं प्रथम तल पर लगभग 40 दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यहां 124 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे भवाली नगर की यातायात व्यवस्था को काफी राहत मिलेगी। सचिव ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कर परियोजना का संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में प्रस्तावित सरोवर पार्किंग परियोजना की भी समीक्षा की गई। लगभग 42.77 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत 605 चार पहिया एवं 202 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त नैनीताल क्लब के समीप नगर पालिका की भूमि पर लगभग 30.43 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड पार्किंग निर्माण की योजना प्रस्तावित है, जिसमें 202 चार पहिया तथा 96 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से नैनीताल शहर में पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है।
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं पर अभी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर कार्यदायी संस्थाओं में बदलाव करने पर भी विचार किया जाए।
निरीक्षण के दौरान नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित अशोक पार्किंग स्थल का भी दौरा किया गया। सचिव ने निर्देश दिए कि पूर्व में स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग करते हुए पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को कम किया जा सके और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के सचिव श्री विजयनाथ शुक्ल, उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री संदीप सिंह रावत एवं श्री दिवाकर बड़ोनी, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता श्री कमलेश जोशी, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के प्रोजेक्ट सेल अधिकारी श्री अनिल कुमार तड़ागी, सहायक अभियंता श्री शिवम धीमान, श्री अभिषेक कुमार तथा अवर अभियंता श्री अभिषेक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के पूरा होने के बाद नैनीताल जनपद में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी, झीलों का संरक्षण सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।





