विश्व स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुकुल परिसर, हरिद्वार में एक दिवसीय मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन स्वामी श्रद्धानंद स्वास्थ्य केंद्र तथा वनस्पति विज्ञान एवं सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने स्वास्थ्य की जांच कराई।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए हीमोग्लोबिन एवं रक्त शर्करा की मुफ्त जांच की व्यवस्था की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और संभावित बीमारियों की प्रारंभिक पहचान सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर स्वामी श्रद्धानंद स्वास्थ्य केंद्र के समन्वयक डॉ. हरीश चंद्र ने अपने अभिभावकों में स्वास्थ्य जांच के महत्व पर प्रकाश डाला कहा कि हीमोग्लोबिन की नियमित जांच से एनीमिया जैसी गंभीर समस्या का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से लड़कियों में डायबिटीज की बढ़ती समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया और समय-समय पर जांच कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रक्त शर्करा की जांच डायबिटीज की शीघ्र पहचान में अत्यंत सहायक होती है। समय रहते इन बीमारियों का पता चलने पर उचित उपचार संभव हो पाता है, जिससे भविष्य में गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
शिविरों के सफल आयोजन ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि यह भी संदेश दिया कि नियमित स्वास्थ्य जांच स्वस्थ जीवनशैली का एक आवश्यक हिस्सा है। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया, ताकि समाज के अधिक से अधिक लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें।






