काली हरिद्वार। लगभग 118 दिनों में उत्तराखंड के सियासी दंगल में हरिद्वार से राजनीति के तीन धुरंधरों कि किस्मत बदल गई है। भाजपा सरकार चला रहे मदन कौशिक को संगठन की कमान मिली है। संगठन की कमान मिलने के बाद प्रमोशन या डिमोशन क्वेश्चन आज भी हरिद्वार की गलियों में घूम रहा है । और प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए भी क्या वह हरिद्वार से चुनाव लड़ेंगे यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरी ओर भाजपा विधायक स्वामी यतिस्वरानंद बने कैबिनेट मंत्री जो हरिद्वार की चारों दिशाओं में चर्चा में हैं नए सीएम से उनकी दोस्ती उनका कद और उनका प्रभाव और बढ़ाती है। जिस प्रकार से पहले राज्य मंत्री और अब सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी बने हैं वह ग्रामीण विधानसभा में भी उनको बहुत फायदा देगा क्योंकि कयास लगाए जा रहे थे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत या उनकी बेटी उस विधानसभा से चुनाव लड़ेगी लेकिन स्वामी का कैबिनेट मंत्री बनते ही चारों और माहौल उनकी की तरफ होता जा रहा है।मोदी टीम से झटका खाने के बाद स्वास्थ्य कारणों से डॉ रमेश पोखरियाल निशंक का केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा जो हर और इस राजनीति दंगल का चर्चा का विषय बन गया है। आखिर क्या वास्तव में डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने इस्तीफा दिया या इस्तीफा लिया यह भी चर्चाओं का विषय बना हुआ है। वही अब देखना है की इतने बड़े पदों पर रहते हुए भी हरिद्वार के विकास के लिए किस ने क्या कार्य किया है इसमें कौन पास है और कौन फेल।
